दर्शक और वादे से शुरुआत करें
प्रमोशन अपलोड बटन दबाने से पहले ही शुरू हो जाता है। YouTube का रिकमेंडेशन सिस्टम हर दर्शक को वे वीडियो दिखाने की कोशिश करता है जिन पर वह क्लिक करे, जिन्हें देखे और देखने के बाद संतुष्ट महसूस करे। इसका मतलब है कि सबसे असरदार प्रमोशन वह वीडियो है जो एक साफ़ ऑडियंस के लिए बना हो और ठीक वही दे जिसका वादा उसका टाइटल और थंबनेल करते हैं।
शूटिंग से पहले एक वाक्य लिखें कि वीडियो किसके लिए है और उन्हें उससे क्या मिलेगा, जैसे: एक नौसिखिया अपने पास पहले से मौजूद सामान से घर में शांत रिकॉर्डिंग कोना बनाना सीखता है। यही वाक्य टाइटल, थंबनेल, शुरुआत और डिस्क्रिप्शन को आकार देता है, और सही लोगों के लिए वीडियो ढूँढना काफ़ी आसान बना देता है।
सोचें कि वीडियो खोजा कैसे जाएगा। कुछ वीडियो सर्च से चलते हैं: लोग सवाल टाइप करते हैं और सीधा जवाब चाहते हैं। कुछ ब्राउज़ से चलते हैं: वे जिज्ञासा जगाते हैं, इसलिए होम पेज और सुझाए गए वीडियो में दिखते हैं। ट्यूटोरियल को उन शब्दों से मेल खाना चाहिए जो लोग सर्च करते हैं, जबकि मनोरंजन वाला वीडियो किसी कीवर्ड से ज़्यादा दमदार हुक पर निर्भर करता है।
ऐसे टाइटल और थंबनेल जो ईमानदारी से क्लिक कमाएँ
टाइटल और थंबनेल जोड़ी की तरह काम करते हैं। टाइटल में मुख्य वाक्यांश शुरुआत के पास हो, वह इतना छोटा हो कि फ़ोन पर पढ़ा जा सके, और एक ठोस वादा करे। थंबनेल को वही शब्द दोहराने के बजाय वह जोड़ना चाहिए जो टाइटल नहीं कहता, जैसे नतीजा, भावना या दाँव पर क्या लगा है।
थंबनेल छोटी स्क्रीन को ध्यान में रखकर डिज़ाइन करें। एक साफ़ विषय, तेज़ कंट्रास्ट, बड़े आकार और ज़्यादा से ज़्यादा कुछ शब्द रखें। सच्ची प्रतिक्रिया दिखाते चेहरे अक्सर अच्छा काम करते हैं, लेकिन तभी जब वे कंटेंट से मेल खाएँ। पब्लिश करने से पहले हर डिज़ाइन को उसी साइज़ में देखें जिसमें वह मोबाइल फ़ीड में दिखेगा।
कभी गुमराह न करें। क्लिकबेट थंबनेल एक दिन के लिए क्लिक बढ़ा सकता है, लेकिन ठगा हुआ महसूस करने वाले दर्शक जल्दी चले जाते हैं, और इससे YouTube को संकेत मिलता है कि वीडियो ने उन्हें निराश किया। अगर आपके चैनल को YouTube Studio में थंबनेल टेस्टिंग फ़ीचर मिला है, तो अंदाज़ा लगाने के बजाय असली दर्शकों के साथ विकल्पों की तुलना करने के लिए उसका इस्तेमाल करें।
डिस्क्रिप्शन, चैप्टर और कैप्शन
डिस्क्रिप्शन की शुरुआती लाइनें सर्च नतीजों में और पूरा डिस्क्रिप्शन खोलने से पहले ही दिख जाती हैं, इसलिए उनमें आम भाषा में दोबारा बताएँ कि वीडियो से क्या मिलेगा। उसके नीचे सच में काम की जानकारी जोड़ें: जिन संसाधनों का ज़िक्र किया, संबंधित वीडियो, छोटी रूपरेखा और यह कि दर्शक आपको और कहाँ फ़ॉलो कर सकते हैं। कुछ प्रासंगिक हैशटैग मदद कर सकते हैं, जबकि टैग्स की भूमिका छोटी है और वे ज़्यादातर आम गलत वर्तनियों के लिए काम आते हैं।
चैप्टर लंबे वीडियो में आगे-पीछे जाना आसान बनाते हैं और सर्च में भी दिख सकते हैं। डिस्क्रिप्शन में 0:00 से शुरू होने वाले टाइमस्टैम्प जोड़ें, कम से कम तीन चैप्टर रखें और हर एक को जानकारी देने वाला नाम दें। अच्छे चैप्टर टाइटल कीवर्ड का काम भी करते हैं और दर्शकों को एक नज़र में दिखा देते हैं कि वीडियो में ठीक वही है जो उन्हें चाहिए।
कैप्शन पर मेहनत करना फ़ायदेमंद है। ऑटोमैटिक कैप्शन सिर्फ़ शुरुआत हैं; उन्हें जाँचने या अपने कैप्शन अपलोड करने से उन लोगों के लिए सटीकता बढ़ती है जो आवाज़ बंद करके देखते हैं या जिनकी मातृभाषा वह नहीं है। अनुवाद किए गए टाइटल, डिस्क्रिप्शन और सबटाइटल किसी वीडियो को दूसरी भाषाओं की ऑडियंस तक ले जा सकते हैं।
हुक, रफ़्तार और एंड स्क्रीन से दर्शकों को बाँधे रखें
प्रमोशन की जीत या हार रिटेंशन पर तय होती है। शुरुआत नतीजे या मुख्य सवाल से करें, लंबी भूमिका या सब्सक्राइब करने की गुज़ारिश से नहीं। दर्शकों को जल्दी दिखा दें कि वे सही जगह पर हैं, फिर बिना फ़ालतू खींचे कंटेंट को तार्किक क्रम में दें।
हर अपलोड के लिए YouTube Studio में ऑडियंस रिटेंशन ग्राफ़ ध्यान से देखें। तेज़ गिरावट बताती है कि लोगों की रुचि कहाँ टूटी, जैसे धीमी शुरुआत, उलझाने वाला हिस्सा या कोई पल जो विषय से भटका लगा। उभार उन पलों को दिखाते हैं जिन्हें लोगों ने दोबारा देखा। दोनों का इस्तेमाल करके अगला वीडियो और कसा हुआ बनाएँ।
एंड स्क्रीन और कार्ड एक व्यू को कई व्यूज़ में बदल देते हैं। एंड स्क्रीन को यूँ ही चुने गए किसी अपलोड के बजाय एक करीबी संबंधित वीडियो या प्लेलिस्ट की ओर ले जाएँ, और कार्ड कम ही इस्तेमाल करें, ठीक उस पल जब कोई संबंधित विषय आए। लक्ष्य एक बार की विज़िट नहीं, पूरा व्यूइंग सेशन है।
Shorts और प्लेलिस्ट से पहुँच कई गुना बढ़ाएँ
Shorts एक अलग, तेज़ चलने वाली फ़ीड के ज़रिए लोगों तक पहुँचते हैं, इसलिए ये किसी भी आकार के चैनल के लिए खोजे जाने का काम का ज़रिया हैं। सबसे अच्छे Shorts अपने आप में पूरे होते हैं: एक टिप, कोई चौंकाने वाला नतीजा या कोई हाइलाइट जो बिना संदर्भ के भी समझ आए। वर्टिकल फ़्रेमिंग, बिल्कुल पहले पल में हुक और पढ़ने लायक ऑन-स्क्रीन टेक्स्ट, ये सब मदद करते हैं।
Shorts को अपने लंबे वीडियो से जोड़ें। YouTube आपको किसी Short को संबंधित वीडियो से लिंक करने देता है, ताकि रुचि रखने वाले दर्शक सीधे पूरे वर्ज़न पर पहुँच सकें। Shorts को किसी अलग ऑडियंस के लिए अलग प्रोजेक्ट के बजाय ट्रेलर और चैनल में आने के दरवाज़े की तरह देखें।
प्लेलिस्ट आपकी वीडियो लाइब्रेरी को ऐसी सीरीज़ में बाँटती हैं जिन्हें दर्शक एक के बाद एक देख सकें। वीडियो को विषय या स्किल लेवल के हिसाब से समूह में रखें, हर प्लेलिस्ट को सर्च होने लायक टाइटल और छोटा विवरण दें, और वीडियो इस क्रम में लगाएँ कि हर एक स्वाभाविक रूप से अगले तक ले जाए। अपनी सबसे मज़बूत प्लेलिस्ट चैनल के होम पेज पर दिखाएँ, ताकि नए विज़िटर को साफ़ रास्ता दिखे।
चैनल के आसपास कम्युनिटी बनाना
कमेंट्स का जवाब दें, खासकर पब्लिश करने के बाद के शुरुआती घंटों में, और ऐसा कमेंट पिन करें जो कुछ जोड़े या चर्चा शुरू करे। जिन दर्शकों को लगता है कि उनकी बात सुनी गई, वे लौटकर आते हैं, और सक्रिय कमेंट सेक्शन दिखाता है कि वीडियो ने असली रुचि जगाई।
अपलोड के बीच ऑडियंस को जोड़े रखने वाले टूल इस्तेमाल करें। चैनल पोस्ट से आप पोल, इमेज और अपडेट शेयर कर सकते हैं। Premiere नए अपलोड को लाइव चैट वाले तय इवेंट में बदल देता है, और लाइव स्ट्रीम से आप रियल टाइम में सवालों के जवाब दे सकते हैं। सब एक साथ आज़माने के बजाय वे फ़ॉर्मेट चुनें जिन्हें आप लगातार निभा सकें।
मिलते-जुलते निश के क्रिएटर्स के साथ कोलैबोरेशन आपको उन ऑडियंस से मिलवाता है जिन्हें पहले से इसी तरह का कंटेंट पसंद है। अपने वीडियो वहाँ शेयर करें जहाँ आपकी ऑडियंस पहले से समय बिताती है, जैसे आपका न्यूज़लेटर, कोई प्रासंगिक फ़ोरम या आपकी अपनी वेबसाइट, और उसी सवाल का जवाब देने वाले आर्टिकल्स में वीडियो एम्बेड करें।
एनालिटिक्स पढ़ना और हर अपलोड को बेहतर बनाना
YouTube Studio वे आँकड़े दिखाता है जो प्रमोशन के लिए मायने रखते हैं। इम्प्रेशन और इम्प्रेशन क्लिक-थ्रू रेट बताते हैं कि आपका टाइटल और थंबनेल काम कर रहे हैं या नहीं। औसत व्यू अवधि और ऑडियंस रिटेंशन बताते हैं कि वीडियो अपना वादा निभाता है या नहीं। ट्रैफ़िक सोर्स दिखाते हैं कि लोग आप तक सर्च, ब्राउज़ फ़ीचर्स, सुझाए गए वीडियो, Shorts या बाहरी साइटों से पहुँचे।
एक बार में एक ही चीज़ बदलें और किसी एक दिन पर प्रतिक्रिया देने के बजाय कई अपलोड के नतीजों की तुलना करें। क्लिक-थ्रू रेट कम हो लेकिन रिटेंशन मज़बूत हो, तो यह संकेत है कि बेहतर पैकेजिंग, यानी टाइटल और थंबनेल, से मदद मिल सकती है। ठीक-ठाक क्लिक-थ्रू रेट के साथ कमज़ोर रिटेंशन वादे और कंटेंट के बीच के अंतर या धीमी शुरुआत की ओर इशारा करता है।
लौटकर आने वाले और नए दर्शकों पर भी नज़र रखें। जो चैनल लोगों को बार-बार वापस लाता है, वह कुछ टिकाऊ बना रहा है, और यही वफ़ादार दर्शक अक्सर सबसे पहले किसी नए अपलोड को रिकमेंडेशन में आगे बढ़ाते हैं।
पेड प्रमोशन और किन चीज़ों से बचें
अगर आप जायज़ तरीके से रफ़्तार बढ़ाना चाहते हैं, तो Google Ads के ज़रिए वीडियो कैंपेन चलाएँ, या जहाँ उपलब्ध हों वहाँ YouTube Studio के प्रमोशन टूल इस्तेमाल करें। असली, टारगेट किए गए दर्शकों को दिखाए गए विज्ञापन किसी विषय को परख सकते हैं या किसी मज़बूत वीडियो को नई ऑडियंस से मिलवा सकते हैं। छोटे बजट से शुरू करें, सावधानी से टारगेट करें और नतीजों को सिर्फ़ व्यू काउंट से नहीं, बल्कि रिटेंशन और नए सब्सक्राइबर्स से आँकें।
ऐसी किसी भी सर्विस से दूर रहें जो व्यूज़, लाइक्स, सब्सक्राइबर्स या कमेंट्स बेचती हो। YouTube की फ़र्ज़ी एंगेजमेंट नीति आँकड़ों को बनावटी तरीके से बढ़ाने पर रोक लगाती है, और YouTube नकली व्यूज़ हटा सकता है, कंटेंट हटा सकता है या चैनल बंद कर सकता है। फ़र्ज़ी एंगेजमेंट रिकमेंडेशन सिस्टम को भी उलझाता है, क्योंकि ये तथाकथित दर्शक कभी असली प्रशंसकों जैसा व्यवहार नहीं करते।
चैनल का मालिक या उसे चलाने वाला कोई भी हो, YouTube की उपयोग की शर्तों और कम्युनिटी दिशानिर्देशों का पालन करें। टिकाऊ ग्रोथ दोहराई जा सकने वाली आदतों से आती है: साफ़ विषय, ईमानदार पैकेजिंग, मज़बूत रिटेंशन और पब्लिश करने की ऐसी लय जिस पर आपकी ऑडियंस भरोसा कर सके।