कॉन्टेंट पर जाएं
सभी गाइड

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

GMX, WEB.DE और T-Online मेलबॉक्स: फ़ीचर और सुरक्षा

GMX, WEB.DE और T-Online मेलबॉक्स क्या देते हैं: एलियास और क्लाउड स्टोरेज से लेकर टू-फ़ैक्टर साइन-इन, फ़िशिंग से बचाव, रिकवरी और मेल ऐप की सेटिंग तक।

विषय-सूची

जर्मनी के तीन जाने-माने मेलबॉक्स प्रदाता

GMX, WEB.DE और T-Online जर्मनी के सबसे जाने-माने ईमेल प्रदाताओं में गिने जाते हैं। वहाँ बहुत-से लोग इनमें से किसी एक को दुकानों, बैंकों, सरकारी दफ़्तरों और परिवार के लिए अपना मुख्य पता बनाकर रखते हैं, इसलिए एक मेलबॉक्स में अक्सर रसीदों, रजिस्ट्रेशन और पासवर्ड रीसेट संदेशों का लंबा इतिहास जमा होता है। इसी वजह से यह किसी व्यक्ति के सबसे कीमती अकाउंट में से एक बन जाता है।

GMX और WEB.DE दोनों मुफ़्त मेलबॉक्स के साथ सशुल्क विकल्प भी देते हैं। T-Online अपने मेलबॉक्स को एक न्यूज़ पोर्टल और Telekom की दूसरी सेवाओं के साथ जोड़ता है। हर सेवा के प्लान, नाम और सीमाएँ समय के साथ बदलती रहती हैं, इसलिए मौजूदा जानकारी के लिए हर प्रदाता के अपने हेल्प पेज को ही आधार मानें।

हर प्रदाता आम तौर पर क्या देता है

GMX वेब मेलबॉक्स और मोबाइल ऐप के साथ एड्रेस बुक, कैलेंडर, ऑनलाइन स्टोरेज और प्लान के हिसाब से अतिरिक्त एलियास पते देता है। मुफ़्त और सशुल्क संस्करणों में स्टोरेज, विज्ञापन और सपोर्ट जैसे पहलुओं में फ़र्क होता है।

WEB.DE का मॉडल भी काफ़ी हद तक ऐसा ही है। इसके मेलबॉक्स के साथ ऑर्गनाइज़र, ऑनलाइन स्टोरेज और मेल छाँटने के लिए फ़ोल्डर व फ़िल्टर मिलते हैं, और जो लोग अतिरिक्त सुविधाएँ चाहते हैं उनके लिए सशुल्क स्तर उपलब्ध हैं।

T-Online अपने मेलबॉक्स को समाचारों और Telekom की दूसरी सेवाओं के साथ जोड़ता है, और साइन-इन आम तौर पर Telekom लॉगिन से होता है। स्टोरेज या अतिरिक्त पते जैसे कौन-से एक्स्ट्रा आपके खास सेटअप का हिस्सा हैं, यह मान लेने के बजाय अपने अकाउंट में जाँच लें।

एलियास, फ़ोल्डर और फ़िल्टर

एलियास एक अतिरिक्त पता होता है जिसका मेल उसी मेलबॉक्स में पहुँचता है। इससे आप अपना मुख्य पता निजी रख सकते हैं, खरीदारी या न्यूज़लेटर के लिए अलग पता इस्तेमाल कर सकते हैं, और अगर उस पते पर स्पैम आने लगे तो उसे बाद में छोड़ सकते हैं, जबकि आपके बैंक और परिवार को जो पता मालूम है वह बदलता नहीं। एलियास शामिल हैं या नहीं और कितने, यह प्रदाता और आपके प्लान पर निर्भर करता है, इसलिए अंदाज़ा लगाने के बजाय हेल्प पेज देखें।

फ़ोल्डर और फ़िल्टर नियम अलग काम करते हैं: वे आने वाले मेल को अपने-आप छाँटते हैं। रसीदों और न्यूज़लेटर के लिए ये काम आते हैं, लेकिन किसी सुरक्षा घटना के बाद देखने की जगह भी यही हैं। मेलबॉक्स तक पहुँचने वाले हमलावर कभी-कभी ऐसे नियम बना देते हैं जो संदेशों की कॉपी कहीं और भेज दें या रीसेट ईमेल छिपा दें, इसलिए अपने नियम और फ़ॉरवर्डिंग सेटिंग समय-समय पर जाँचते रहें।

टू-फ़ैक्टर साइन-इन और लॉगिन सुरक्षा

जिस मेलबॉक्स में आपके माँगे हर रीसेट लिंक आते हैं, उसके लिए अकेला पासवर्ड बहुत कमज़ोर सुरक्षा है। तीनों प्रदाता साइन-इन का दूसरा चरण देते हैं। सिक्योरिटी या अकाउंट सेटिंग्स में टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन ढूँढ़कर उसे चालू करें। आम तौर पर ऑथेंटिकेटर ऐप टेक्स्ट मैसेज से भेजे गए कोड से बेहतर विकल्प है, क्योंकि अगर कोई आपका फ़ोन नंबर अपने कब्ज़े में ले ले तो टेक्स्ट मैसेज कहीं और मोड़ा जा सकता है।

लंबा और यूनीक पासवर्ड रखें जो आपने कहीं और कभी इस्तेमाल न किया हो, और बेहतर हो कि उसे पासवर्ड मैनेजर में बनाकर सहेजें। जहाँ प्रदाता हाल के साइन-इन या सुरक्षा सूचनाएँ दिखाता है, उन्हें पढ़ें, और जो लॉगिन आप न पहचानें उस पर पासवर्ड बदलें और बाकी सेशन से साइन आउट करें।

अपना ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और मेल ऐप अपडेट रखें, और सिर्फ़ उन डिवाइस पर साइन इन करें जो आपके नियंत्रण में हैं। साझा कंप्यूटर पर प्राइवेट विंडो इस्तेमाल करें और बाद में साइन आउट करें।

स्पैम और फ़िशिंग

तीनों सेवाएँ स्पैम अपने-आप फ़िल्टर करती हैं, और आप अवांछित संदेशों को सिर्फ़ डिलीट करने के बजाय स्पैम के रूप में मार्क करके और अनचाहे प्रेषकों को ब्लॉक करके मदद कर सकते हैं। जिन प्रेषकों को आप नहीं जानते, उनके संदेशों में अनसब्सक्राइब लिंक पर क्लिक न करें। असली न्यूज़लेटर के लिए लिंक ठीक है, पर साफ़-साफ़ जंक मेल के लिए वह सिर्फ़ यह पक्का करता है कि आपका पता चालू है।

मेलबॉक्स उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाने वाली फ़िशिंग एक जाने-पहचाने ढर्रे पर चलती है। संदेश दावा करता है कि आपका मेलबॉक्स भर गया है, अकाउंट बंद कर दिया जाएगा, कोई भुगतान विफल हुआ है या आपको लॉगिन सत्यापित करना है, और लिंक ऐसे पेज पर ले जाता है जो प्रदाता के साइन-इन फ़ॉर्म की नकल करता है। सुरक्षित आदत यह है कि लिंक को अनदेखा करें, प्रदाता की वेबसाइट का पता खुद टाइप करके या अपने बुकमार्क से खोलें, और वहीं से अपना अकाउंट देखें।

पासवर्ड माँगने वाले किसी भी ईमेल को धोखाधड़ी मानें, और लॉगिन कोड या रिकवरी कोड माँगने वाले किसी को भी कभी न बताएँ। अगर आप कोई निष्पक्ष दूसरा स्रोत चाहते हैं, तो जर्मनी की संघीय सूचना सुरक्षा एजेंसी BSI फ़िशिंग पहचानने पर उपभोक्ताओं के लिए सामान्य मार्गदर्शन प्रकाशित करती है।

रिकवरी के विकल्प और निष्क्रियता

पासवर्ड भूलने या अकाउंट हाथ से निकलने के बाद आप दोबारा अंदर आ पाएँगे या नहीं, यह रिकवरी डेटा तय करता है। अकाउंट सेटिंग्स में दूसरा ईमेल पता या मोबाइल नंबर जोड़ें, जाँच लें कि दोनों अब भी चालू हैं, और प्रदाता जो भी रिकवरी कोड दे उसे ऑफ़लाइन किसी सुरक्षित जगह रखें। अगर रिकवरी पता कोई दूसरा मेलबॉक्स है, तो उसे भी उतनी ही सावधानी से सुरक्षित रखें, क्योंकि जो हमलावर उसे नियंत्रित करता है वह आपका पासवर्ड रीसेट कर सकता है।

सिर्फ़ आधिकारिक रिकवरी ही भरोसे लायक रास्ता है। अगर एक्सेस खो जाए, तो प्रदाता की अपनी पासवर्ड रीसेट या सपोर्ट प्रक्रिया अपनाएँ, और ऐसे किसी से सावधान रहें जो फ़ीस लेकर आपको अंदर पहुँचाने की पेशकश करे। कुछ प्रदाता लंबे समय तक इस्तेमाल न होने वाले मुफ़्त मेलबॉक्स बंद भी कर देते हैं, इसलिए बीच-बीच में साइन इन करते रहें और मौजूदा शर्तें पढ़कर देखें कि आपका प्रदाता निष्क्रिय अकाउंट के साथ क्या करता है।

मेल ऐप में मेलबॉक्स इस्तेमाल करना

फ़ोन और कंप्यूटर के मेल ऐप IMAP के ज़रिए जुड़ते हैं, जो आपके फ़ोल्डर सभी डिवाइस पर एक जैसे रखता है, या POP3 के ज़रिए, जो आम तौर पर संदेश किसी एक डिवाइस पर डाउनलोड कर देता है। ज़्यादातर लोगों के लिए IMAP बेहतर विकल्प है। प्रदाता और आपकी सेटिंग के आधार पर, आपको पहले वेब सेटिंग्स में मेल प्रोग्राम के लिए एक्सेस चालू करना पड़ सकता है।

कुछ प्रदाता मेल प्रोग्राम के लिए अलग पासवर्ड बनाने को कहते हैं, और टू-फ़ैक्टर साइन-इन वाले कुछ अकाउंट को ऐप-विशेष पासवर्ड या प्रदाता के अपने पेज से साइन-इन की ज़रूरत पड़ती है। अगर आपका ऐप अचानक मेल लाना बंद कर दे, तो सुरक्षा बंद करने के बजाय ये सेटिंग और प्रदाता के हेल्प पेज देखें। एन्क्रिप्टेड कनेक्शन इस्तेमाल करें और अपना मुख्य पासवर्ड अनजान ऐप में न डालें।

अगर आप एक ऐप में कई मेलबॉक्स चलाते हैं, तो याद रखें कि अनलॉक मेल ऐप वाला खोया हुआ फ़ोन उसमें मौजूद हर अकाउंट को खोल देता है। स्क्रीन लॉक लगाएँ, और जब प्रदाता रिमोट साइन-आउट या डिवाइस हटाने की सुविधा दे तो उसका इस्तेमाल करें।

मेलबॉक्स लिस्टिंग सुरक्षित तरीके से खरीदना

अगर आप किसी मार्केटप्लेस से मेलबॉक्स लेते हैं, तो उसे ऐसा अकाउंट मानें जिसे पहले ही मिनट से सुरक्षित करना है। लिस्टिंग ध्यान से पढ़ें, एक्सेस का इस्तेमाल सिर्फ़ जायज़ मकसद के लिए करें और हर प्रदाता की सेवा की शर्तों का पालन करें, जिनमें अकाउंट रजिस्टर करने और ट्रांसफ़र करने के उसके नियम भी शामिल हैं। स्वचालित मकसदों के लिए बड़ी संख्या में मेलबॉक्स न बनाएँ, क्योंकि यह उन शर्तों को तोड़ता है और अकाउंट बंद होने का कारण बन सकता है।

rStock पर स्वतंत्र स्टोर डिजिटल सामान बेचते हैं, और rStock प्लेटफ़ॉर्म है, विक्रेता नहीं। भुगतान आपके rStock बैलेंस से होता है, डिलीवर की गई सामग्री आपके ऑर्डर पेज पर डिलीवरी रिकॉर्ड के रूप में दिखती है, और आपका पैसा रोककर रखा जाता है, स्टोर को उसी समय जारी नहीं किया जाता। डिलीवरी के बाद विवाद खोलने के लिए आपके पास सीमित समय होता है, जहाँ पहले स्टोर जवाब देता है और मॉडरेटर को बुलाया जा सकता है। एक्सेस मिलते ही पासवर्ड जल्द बदलें, रिकवरी डिटेल अपनी डिटेल से बदलें, फ़ॉरवर्डिंग नियम जाँचें और टू-फ़ैक्टर साइन-इन चालू करें।

GMX, WEB.DE और T-Online अपने-अपने मालिकों के हैं, और rStock एक स्वतंत्र मार्केटप्लेस है जो इनमें से किसी से संबद्ध नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: GMX, WEB.DE और T-Online मेलबॉक्स: फ़ीचर और सुरक्षा

पढ़ना जारी रखें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

Adobe Creative Cloud के प्लान: सिंगल ऐप, All Apps और टीम

Adobe Creative Cloud के सिंगल-ऐप, All Apps, फ़ोटोग्राफ़ी, स्टूडेंट और टीम प्लान में क्या फ़र्क है, लाइसेंस व साइन-इन कैसे काम करते हैं और अकाउंट कैसे सुरक्षित रखें।

गाइड पढ़ें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

Naver अकाउंट गाइड: सर्च, Blog, Cafe और बिज़नेस टूल

एक Naver अकाउंट में Mail, Blog, Cafe, Maps और Smart Store तक क्या शामिल है, विज़िबिलिटी आम तौर पर कैसे काम करती है, और कौन-से सुरक्षा व रिकवरी कदम मायने रखते हैं।

गाइड पढ़ें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

Netflix अकाउंट की सुरक्षा: डिवाइस, प्रोफ़ाइल और हाउसहोल्ड

डिवाइस और साइन-आउट कैसे सँभालें, PIN से प्रोफ़ाइल कैसे लॉक करें, हाउसहोल्ड सेटिंग क्या हैं, फ़िशिंग ईमेल कैसे पहचानें और नया मिला अकाउंट कैसे सुरक्षित करें।

गाइड पढ़ें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

Onet, Gazeta.pl और OLX अकाउंट: फ़ीचर और सुरक्षा

पोलिश पोर्टल और मार्केटप्लेस अकाउंट कैसे काम करते हैं: Onet और Gazeta.pl के मेल और समाचार, OLX पर खरीद-बिक्री की बुनियादी बातें, और सुरक्षा व रिकवरी के व्यावहारिक कदम।

गाइड पढ़ें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

Booking.com Genius लेवल: कैसे काम करते हैं, कैसे फ़ायदा लें

Booking.com Genius क्या है, इसके लेवल कैसे बढ़ते हैं, किस तरह के फ़ायदे मिल सकते हैं और यात्राओं में इस प्रोग्राम से असली फ़ायदा उठाने के व्यावहारिक टिप्स।

गाइड पढ़ें

प्लेटफ़ॉर्म और सब्सक्रिप्शन

eBay पर दुर्लभ चीज़ें कैसे खरीदें: सर्च, अलर्ट और सेलर की जाँच

eBay अकाउंट से दुर्लभ और कलेक्टेबल चीज़ें कैसे ढूँढें: सटीक सर्च, सेव्ड सर्च के अलर्ट, सेलर का फ़ीडबैक पढ़ना और दूसरे देशों से सोच-समझकर खरीदारी करना।

गाइड पढ़ें