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Amazon अकाउंट खरीदने की गाइड: शॉपिंग, Kindle और सेलर अकाउंट का फ़र्क़

Amazon अकाउंट खरीदें, उससे पहले तय करें कि आपको असल में कौन-सा Amazon चाहिए: Amazon.in का शॉपिंग अकाउंट, किसी दूसरे देश का मार्केटप्लेस, Kindle लाइब्रेरी या सेलर अकाउंट। यह गाइड rStock पर लिस्टिंग में ये फ़र्क़ पहचानना, स्टोर परखना और लॉगिन मिलने के बाद अकाउंट को अपने नियंत्रण में लेना सिखाती है।

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एक नाम, कई तरह के Amazon अकाउंट

Amazon पर अकाउंट शब्द कई अलग चीज़ों के लिए इस्तेमाल होता है। इसलिए अगर आप Amazon अकाउंट खरीदें, तो पहले पहचानें कि असल में क्या बिक रहा है:

  • शॉपिंग अकाउंट: किसी एक मार्केटप्लेस, जैसे Amazon.in, Amazon.com, Amazon.co.uk या Amazon.de पर खरीदारी के लिए। पते, भुगतान तरीके और ऑर्डर हिस्ट्री उसी मार्केटप्लेस से बँधे रहते हैं।
  • Prime और Prime Video: सदस्यता जिस देश में ली गई है, फ़ायदे और वीडियो कैटलॉग भी उसी देश के मिलते हैं।
  • Kindle और Audible: ई-बुक और ऑडियोबुक की लाइब्रेरी अकाउंट से जुड़ी रहती है, और Kindle स्टोर का देश भी मायने रखता है।
  • सेलर अकाउंट (Seller Central): ऑनलाइन कारोबार के लिए, जिसमें पहचान, बैंक और टैक्स की जानकारी जुड़ी होती है।
  • AWS: डेवलपर और QA टीमों का क्लाउड अकाउंट, जिसकी बिलिंग और ज़िम्मेदारियाँ शॉपिंग अकाउंट से बिल्कुल अलग हैं।

किस मार्केटप्लेस का अकाउंट है, लिस्टिंग में कैसे पहचानें

विवरण में मार्केटप्लेस का नाम साफ़ लिखा होना चाहिए; सिर्फ़ Amazon अकाउंट लिखा हो तो जानकारी अधूरी है। इसके अलावा ये बातें देखें:

  1. लॉगिन ईमेल से होता है या मोबाइल नंबर से। Amazon.in पर बहुत-से अकाउंट मोबाइल नंबर से चलते हैं और OTP उसी नंबर पर आता है। वह नंबर आपके हाथ में नहीं आएगा, तो लॉगिन अटक सकता है।
  2. Prime चालू है या नहीं, और है तो उसका भुगतान कैसे हुआ और वह कब ख़त्म होगा।
  3. प्रोफ़ाइल का देश, भाषा और यह कि कोई पुराना भुगतान तरीका सेव है या हटा दिया गया है।

इन सवालों के जवाब विवरण में मिल जाएँ, तभी Amazon अकाउंट खरीदें। ताज़ा ऑफ़र Amazon कैटेगरी पेज पर अलग-अलग स्वतंत्र स्टोर्स की ओर से दिखते हैं।

सेलर अकाउंट से पहले Amazon की नीतियाँ क्यों पढ़ें

सेलर अकाउंट शॉपिंग अकाउंट जैसा नहीं होता। उसमें विक्रेता की पहचान की जाँच, बैंक खाता, टैक्स विवरण (भारत में GST) और परफ़ॉर्मेंस से जुड़े आँकड़े जुड़े होते हैं। Amazon की विक्रेता नीतियाँ तय करती हैं कि अकाउंट कौन चला सकता है और उसका स्वामित्व कैसे बदल सकता है, और नियम टूटने पर अकाउंट निलंबित हो सकता है। इसलिए विचार करने से पहले Amazon की विक्रेता नीतियाँ और बिज़नेस समझौता ध्यान से पढ़ें। नीति इसकी अनुमति न दे, तो अपनी कंपनी के नाम से ख़ुद रजिस्ट्रेशन करना ही सही रास्ता है।

यही बात हर तरह के अकाउंट पर लागू होती है: Amazon की उपयोग की शर्तें पढ़ें और उनका पालन करें।

rStock बैलेंस, मात्रा और ऑर्डर पेज पर डिलीवरी

Amazon पर खरीदारी करने वाले UPI या कार्ड के आदी होते हैं, पर rStock का तरीका अलग है। यहाँ भुगतान सिर्फ़ rStock बैलेंस से होता है, और बैलेंस Cryptomus के ज़रिए क्रिप्टोकरेंसी से भरा जाता है, जो USDT में जमा होता है। टॉप-अप या खरीदारी से पहले ईमेल वेरिफ़ाई होना ज़रूरी है।

हर ऑर्डर में एक प्रोडक्ट होता है, जिसकी मात्रा आप चुनते हैं। भुगतान के बाद लॉगिन की जानकारी ऑर्डर पेज पर आती है और उस ऑर्डर से डिलीवरी रिकॉर्ड के रूप में जुड़ी रहती है। स्टोर जो आइटम अपलोड करता है, वह दो खरीदारों को नहीं बिक सकता, और आपकी रकम उसी क्षण स्टोर के पास नहीं जाती; प्लेटफ़ॉर्म उसे रोककर रखता है।

स्टोर पर भरोसा कैसे करें

rStock पर स्टोर प्लेटफ़ॉर्म की मंज़ूरी के बाद ही बेच पाते हैं और हर लिस्टिंग लाइव होने से पहले रिव्यू होती है। फिर भी स्टोर की पब्लिक प्रोफ़ाइल पर बिक्री संख्या, रेटिंग और इंश्योरेंस बैलेंस ज़रूर देखें। इंश्योरेंस बैलेंस वह रकम है जो स्टोर प्लेटफ़ॉर्म के पास रखता है और भरोसे का संकेत है। रिव्यू में मार्केटप्लेस या OTP से जुड़ी शिकायतें पढ़ें; रिफ़ंड वाले ऑर्डर लेबल के साथ दिखते हैं। स्पॉन्सर्ड ऑफ़र पर हमेशा लेबल रहता है, और पेड प्लान किसी को छिपी रैंकिंग नहीं दिलाते।

लॉगिन के बाद: पता, फ़ोन और टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन

डिलीवरी के बाद जल्दी लॉगिन करें और Your Account में देखें कि मार्केटप्लेस, Prime की स्थिति और बाक़ी बातें लिस्टिंग से मेल खाती हैं। फिर:

  • Login & Security में पासवर्ड बदलें, और जहाँ Amazon अनुमति दे, ईमेल और मोबाइल नंबर अपने कर लें।
  • टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन चालू करें, ताकि नए डिवाइस से लॉगिन पर कोड आपके फ़ोन या ऑथेंटिकेटर ऐप पर आए।
  • Your Addresses में पुराने पते हटाएँ और अपना पता जोड़ें।
  • कोई पुराना कार्ड सेव दिखे, तो उसे इस्तेमाल न करें; हटा दें।
  • Manage Your Content and Devices में अनजान Kindle, Fire TV या Alexa डिवाइस को डीरजिस्टर करें।

डिलीवरी में मिली जानकारी सिर्फ़ अपने पास रखें।

कुछ गलत लगे तो विवाद की प्रक्रिया

OTP किसी अनजान नंबर पर जा रहा हो, मार्केटप्लेस अलग निकले या Prime बंद मिले, तो सेटिंग्स बदलकर उलझन न बढ़ाएँ। स्क्रीनशॉट लें और ऑर्डर पेज से विवाद खोलें; इसकी अवधि सीमित है, इसलिए जाँच टालें नहीं। स्टोर पहले जवाब देता है, और दोनों पक्ष किसी नतीजे पर न पहुँचें तो मॉडरेटर को शामिल किया जा सकता है। अंत में पूरा रिफ़ंड, आंशिक रिफ़ंड, रकम का बँटवारा या स्टोर को भुगतान जारी करना, इनमें से कोई फ़ैसला हो सकता है। रिफ़ंड rStock बैलेंस में आता है। ऑर्डर ठीक रहा हो, तो रिव्यू लिखकर दूसरों की मदद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: Amazon अकाउंट खरीदने की गाइड: शॉपिंग, Kindle और सेलर अकाउंट का फ़र्क़

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